जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क जाना है, तो इन रास्तों को चुनें
The Corbett Tiger Reserve is an enormous jungle where safaris are organized.For the convenience of visitors and streamlining tourism management park is divided into following six ecotourism zones :-
| Dhikala | Bijrani |
| Jhirna | Sonanadi |
| Durgadevi | Dhela |
The Dhikala Safari zone open on 15th of November every year; Durga Devi and Bijrani Zone from 15th of October, where as Jhirna and Dhela remains open through the year depending on the weather conditions.
For the convenience of visitors and streamlining tourism management Corbett Tiger Reserve has been divided into six mutually exclusive tourism zones, each having separate gate for entry.
| Zone | Entry Gate |
|---|---|
| Dhikala | Dhangarhi |
| Bijrani | Amdanda |
| Jhirna | Dhela |
| Sonanadi | Vatanvasa |
| Durgadevi | Durgadevi |
| Dhela | Dhela |
- Day visit to all zones are strictly regulated and only a limited number of vehicles are permitted entry during each morning and afternoon.
- Permits for day visits to the Sonanadi ecotourism zone can be obtained from the visitor reception center at Kotdwar.
- Permits for day visits to other zones are available online on our official website.
- Visitors are advised to acquaint themselves with gate timings and arrive well before the designated time to avoid any inconvenience.
- Private vehicles are not allowed entry for tourism purposes and visitors use specially designed vehicles registered with CTR for their visits. Day visits to the Dhikala ecotourism Zone are only permitted by specially conducted buses.
- Visitors can also enjoy elephant rides at Bijrani and Dhikala ecotourism Zone.
- Canteen facilities are available at Dhikala, Bijrani and Gairal. At other locations, kitchen facility is provided.
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क जो वाइल्ड लाइफ लवर्स के साथ ही नेचर लवर्स के लिए भी एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। रोमांच के साथ-साथ जोश और उत्साह का भी अनुभव करना चाहते हैं तो पहुंच जाएं जिम कॉर्बेट...
520 स्क्वेयर किलोमीटर इलाके में फैला यह पार्क 4 अलग-अलग जोन्स में बंटा हुआ है- बिजरानी, धिकाला, झिरना और दुर्गादेवी जोन। पीक सीजन के वक्त हर साल करीब 70 हजार टूरिस्ट्स देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर से जिम कॉर्बेट आते हैं।
जिम कॉर्बेट में है टाइगर रिजर्व
कॉर्बेट नैशनल पार्क देश के सबसे पहले वाइल्ड लाइफ रिजर्व पार्क्स में से एक है जिसकी स्थापना 1936 में हुई थी। पहले इसका नाम रामगंगा नैशनल पार्क था लेकिन बाद में शिकारी से संरक्षक बने प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट के नाम पर इस पार्क का नाम जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क कर दिया गया। प्रॉजेक्ट टाइगर की शुरुआत जिम कॉर्बेट से हुई थी और देश के 9 टाइगर रिजर्व्स में से एक टाइगर रिजर्व जिम कॉर्बेट में है। जानवरों की बात करें तो जिम कॉर्बेट में टाइगर के अलावा हाथी, चीतल, सांभर, नीलगाय, घड़ियाल, किंग कोबरा, जंगली सूअर, कांटेदार जंगली चूहा, उड़ने वाली लोमड़ी और भारतीय गिरगिट जैसे कई जानवर और जीव-जंतू पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां चिड़ियों की भी 600 से ऊपर प्रजातियां जिम कॉर्बेट में मौजूद हैं।
कब जाएं जिम कॉर्बेट?
जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क जाने का बेस्ट समय नवंबर से जून के महीने के बीच है क्योंकि इस दौरान पार्क टूरिस्ट्स के लिए खुला रहता है लेकिन जैसे ही मॉनसून का सीजन आता है जिम कॉर्बेट पार्क को बंद कर दिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि बारिश की वजह से पार्क के अंदर मौजूद रास्ता बारिश के पानी के साथ बह जाता है। मॉनसून खत्म होने के बाद फिर से मरम्मत का काम शुरू होता है जो नवंबर महीने के आसपास पूरा हो पाता है।
जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क जाने का बेस्ट समय नवंबर से जून के महीने के बीच है क्योंकि इस दौरान पार्क टूरिस्ट्स के लिए खुला रहता है लेकिन जैसे ही मॉनसून का सीजन आता है जिम कॉर्बेट पार्क को बंद कर दिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि बारिश की वजह से पार्क के अंदर मौजूद रास्ता बारिश के पानी के साथ बह जाता है। मॉनसून खत्म होने के बाद फिर से मरम्मत का काम शुरू होता है जो नवंबर महीने के आसपास पूरा हो पाता है।
कैसे पहुंचें जिम कॉर्बेट?
सड़क मार्ग
सड़क मार्ग
जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क दिल्ली से करीब 260 किलोमीटर दूर है और कॉर्बेट के पास स्थित रामनगर यहां का प्रमुख शहर है। रामनगर उत्तराखंड के विभिन्न शहरों के साथ ही देश के दूसरे शहरों जैसे मोरादाबाद, बरेली और दिल्ली से भी सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, मोरादाबाद और हल्दवानी से कई बसें चलती हैं जो रामनगर ले जाती हैं और रामनगर से महज 15 किलोमीटर दूर है कॉर्बेट नैशनल पार्क। अगर आप दिल्ली से सीधे सड़क मार्ग के जरिए जिम कॉर्बेट पहुंचना चाहते हैं तो आपको 5-6 घंटे का वक्त लगेगा।
रेल मार्ग
जिम कॉर्बेट का नजदीकी रेलवे स्टेशन भी रामनगर ही है। दिल्ली से रामनगर के लिए सीधी ट्रेन भी चलती है। इसके अलावा आप चाहें तो दिल्ली से रेल मार्ग के जरिए हल्दवानी या काठगोदाम पहुंच सकते हैं और वहां से टैक्सी के जरिए रामनगर या सीधे जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क जा सकते हैं।
रेल मार्ग
जिम कॉर्बेट का नजदीकी रेलवे स्टेशन भी रामनगर ही है। दिल्ली से रामनगर के लिए सीधी ट्रेन भी चलती है। इसके अलावा आप चाहें तो दिल्ली से रेल मार्ग के जरिए हल्दवानी या काठगोदाम पहुंच सकते हैं और वहां से टैक्सी के जरिए रामनगर या सीधे जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क जा सकते हैं।




Comments
Post a Comment
Please leave your contact number/ Email id with your comment.